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मधुलोक नर्सिंग होम में बेलगाम खड़े वहनों से प्रभावित रहती है हमीरपुर रोड

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(नीरज लोहिया)

-नगर निगम की पार्किंग होती तो न होता यह हाल

-आधी-आधी सड़क तक खड़ी रहती हैं एम्बुलेंस व वाहन

-अगल-बगल खड़ी होने वाली गाड़ियों से अंदर ही अंदर आक्रोश

-बड़े झगड़े के चलते नही बोलता कोई

कानपुर। संक्रामक बीमारियों में  डेंगू,खूनी मलेरिया का इस समय दौर चल रहा है। जिससे नर्सिंग होमों की बन आई है। हालांकि किसी न किसी कारणों से शहर के दक्षिणी इलाकों के बाह्य क्षेत्र में स्थित नर्सिंग होम किसी न किसी वजह सेचर्चा में बने रहते हैं।इन्ही में पिछले दिनों ‘के’ ब्लॉक स्थित मधुलोक नर्सिंग होम मरीज से छेड़छाड़ के मामले को सुर्खियों में रहा था।जहा तक इस नर्सिंग होम की बात है,तो मरीजों से मनमाना पैसा वसूलने के मामले में कोई भी नर्सिंग होम दूध का धुला नही है,किन्तु मरीज के स्वास्थ्य के लिए तीमारदार कही से चाहे कर्ज ले कर आये,किन्तु वह पैसे का इंतजाम अवश्य करता है।जहाँ तक मधुलोक नर्सिंग होम की बात है तो आम रास्ते में पड़ने वाले इस नर्सिंग होम में खड़ी रहने वाली आड़ी-तिरछी बेलगाम एम्बुलेंस व अन्य खड़े वाहनों से चर्चित हमीरपुर रोड में प्रायः जाम का कारण बना रहता है। इलाकाई लोग नाम न छापने के एवज में बताते हैं कि यहाँ के नर्सिंग होम संचालक लोकेन्द्र सचान की पहुच राजनेताओं से लेकर स्थानीय नौबस्ता थाने तक में है।जिससे वो नर्सिंग होम के सामने तो सामने अगल बगल भी वाहन खड़ा करा देते हैं।जिसमे कुछ वाहन तो ऐसे खड़े कर दिये जाते हैं।जिससे मुख्य रोड का यातायात बाधित रहता है।जिसका असर सामने बनी हमीरपुर रोड प्रभावित रहती है।उसके बावजूद अगर कोई किसी तरह का नर्सिंग होम की खड़ी बेलगाम गाड़ियों का विरोध करता है,तो अस्पताल स्टाफ लड़ने पर अमादा हो जाता है।इस दौरान अगर वाद विवाद बढ़ गया तो नर्सिंग होम संचालक बाहर निकलकर विरोध करने वाले से हाथापाई करके धमकाता है जहाँ शिकायत करना हो कर आओ हमारा नर्सिंग होम ऐसे ही चलता रहेगा। जबकि नियमानुसार नगर निगम के अंडर में इन नगर निगमों की पार्किंग आती है,लिहाज वह स्टैंड के ठेके उठाकर ऐसे लोगों को ठेके देते हैं जो सलीके से स्टैंड में गाड़ियां लगाए रहे ।इस तरह से आधी से आधी सड़क बेलगाम वाहनों से घिरी नही रहती हैं।

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